सारा अली खान के बेहतरीन डेब्यू और सुशांत सिंह राजपूत की उम्दा एक्टिंग के बावजूद भी कमजोर है फिल्म “केदारनाथ”

आज सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान की डेब्यू फिल्म “केदारनाथ” रिलीज़ हो गई है. इस फिल्म मे सारा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ स्क्रीन शेयर करती हुई नज़र आ रही है. यह फिल्म “केदारनाथ” पर आई प्राकतिक विपदा पर बनी हुई है. अभिषेक कपूर के निर्देशन मे बनी यह फिल्म कैसी है. आए इस पर एक रोशिनी डालते है.

कहानी

इस फिल्म की कहानी केदारनाथ तीर्थ धाम की है. इस फिल्म मे दो मुख्य किरदार है और कहानी ज्यादतर उनके इर्द गिर्द ही घूमती नज़र आती है. यह एक प्रेम कहानी भी है. इस फिल्म मे मंसूर (सुशांत सिंह राजपूत) केदारनाथ धाम मे एक पीठु का काम करते है और पयर्टकों को धाम तक लेकर जाते है. वही दूसरी ओर है मुक्कू (सारा अली खान) जो की केदारनाथ के सबसे बड़े एक पंडित की बेटी है. मुक्कू और मंसूर मे प्यार हो जाता है. लेकिन दोनों के धर्म अलग होने के कारण कोई इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करता. दोनों अलग हो जाते है. मुक्कू की शादी कही और कर दी जाती है. फिल्म मे इन सब चीज़ों के बाद आती है केदारनाथ की वो प्राकतिक विपदा, जिसमे सब कुछ तहस नहस हो जाता है. फिल्म मे मंसूर और मुक्कू के साथ आगे क्या होता है, इसके लिए तो आपको फिल्म देखने सिनेमाघर जाना पड़ेगा.

कमजोर कड़ी

फिल्म का सबसे ख़राब हिस्सा है इसका निर्देशन. फिल्म का निर्देशन बहुत ही कमजोर और ढीला दिखाई देता है. फिल्म की कहानी पर भी ज्यादा मेहनत नहीं करी गई है. अभिषेक कपूर इस बार निर्देशन मे पूरी तरह से चूकते नज़र आए है. फिल्म की कहानी मे प्यार का भी अभाव दिखाई देता है. इस फिल्म का संगीत भी कुछ ज्यादा ख़ास नहीं है.

ख़ास क्या है

इस फिल्म को सिनेमाघर मे देखने की सिर्फ और सिर्फ दो वजह ही दिखाई देती है. पहली सारा अली खान और दूसरी सुशांत सिंह राजपूत. दोनों ही कलाकरों ने अपने किरदार को बखूबी निभाया. सारा अली खान का डेब्यू बेहद ही कमाल का है. सुशांत हमेशा ही तरह उम्दा एक्टिंग करते नज़र आए.

Credit : Youtube

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